Divya Drishti : ओम - Om
ॐ ओ३म् की ध्वनि का सभी सम्प्रदायों में महत्त्व है। ॐ हिन्दू धर्म का प्रतीक चिह्न ही नहीं बल्कि हिन्दू परम्परा का सबसे पवित्र शब्द है। हमारे सभी वेदमंत्रों का उच्चारण भी ओ३म् से ही प्रारंभ होता है, जो ईश्र्वरीय शक्ति की पहचान है। परमात्मा का निज नाम ओ३म् है। अंग्रेज़ी में भी ईश्र्वर के लिए सर्वव्यापक शब्द का प्रयोग होता है, यही सृष्टि का आधार है। यह सिर्फ़ आस्था नहीं, इसका वैज्ञानिक आधार भी है। प्रतिदिन ॐ का उच्चारण न सिर्फ़ ऊर्जा शक्ति का संचार करता है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाकर कई असाध्य बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है। आध्यात्म में ॐ का विशेष महत्त्व है, वेद शास्त्रों में भी ॐ के कई चमत्कारिक प्रभावों का उल्लेख मिलता है। आज के आधुनिक युग में वैज्ञानिकों ने भी शोध के मध्यम से ॐ के चमत्कारिक प्रभाव की पुष्टी की है। पाश्चात्य देशों में भारतीय वेद पुराण और हज़ारों वर्ष पुरानी भारतीय संस्कृति और परम्परा काफ़ी चर्चाओं और विचार विमर्श का केन्द्र रहे हैं दूसरी ओर वर्तम...